नौकरानी अनीता की चुदाई

हेलो दोस्तों,

पिछले साल भर में मैंने ना जाने कितने बुर को चोदा, कितनी लड़की की बुर चाटा, कितनी औरतों की चूची चूसी और कितने की गान्ड का मजा लिया ।मेरे घर की नौकरानी अनीता मेरे से कई बार चूत मरवाई थी, लेकिन बिन पैसा लिया करीब फटकने तक नहीं देती थी, २३-२४ साल की मदमस्त जवानी और साथ में बच्चा भी पैदा नहीं की थी तो चूत कसी हुई थी तो चूची गठीले और शरीर की बनावट बिल्कुल कसी हुई, उसकी चाल देखकर लंड टाईट हो जाता था, उसकी चुतर गोल गुंबदाकार और उसकी फांक खरबूजे की तरह थी ।आज सुबह जब सोकर जगा तो मेरी आंखे सीधे अनीता की चूची पर गई, वो मेरे कमरे में झाड़ू लगा रही थी तो उसके सीने पर से साड़ी नीचे खिंस्क चुकी थी तो मुझे चूची का ऊपरी हिस्सा देखने को मिला और मै बिस्तर पर से ही अनीता के स्तन के नग्न हिस्से को निहार रहा था ।खैर मै उठकर वाशरूम गया और फ्रेश होकर अपने बाल्कोनी की ओर आया, मेरी मम्मी मेरे लिए चाय बना रही थी तो मैं डायनिंग हाल में बैठकर अनीता को निहार रहा था, फिलहाल वो हाल के ज़मीन को साफ कर रही थी, तो उसके मदमस्त स्तन ब्लाऊज से बाहर आ रहे थे और मै अनीता के चूची को घूरता हुआ मस्त था, जैसे ही मामी चाय लेकर आई, मै नजर फेर लिया और फिर चाय पीते हुए अनीता के स्तन का दीदार करने लगा, जब वो मेरे पैर के पास आई तो मैं जानबूझकर पैर को ऊपर उठाने के क्रम में अपना पैर उसके स्तन से सटा दिया, तो अनीता मुझे देखते हुए बोली…… “क्या बात है राहुल बाबा, कुछ चाहिए क्या

(राहुल) थोड़ा आंचल सरका दो तो दीदार कर पाऊं

(अनीता सीने से पल्लू नीचे करके) लो देखी लेकिन असली सुख नहीं मिलेगा

(राहुल) वो तुम दोगी तब तो

(अनीता) जरूर दो हज़ार लगेंगे, बोलो तो दिन में ही मजे दे दूं

(राहुल) उधार पे काम चलेगा

(अनीता) नहीं, उधार पर सुघने तक नहीं दूंगी ।” और अनीता साफ सफाई करके किचन कि और गई तो मेरा लंड उसके स्तन का दीदार करके खड़ा हो गया।

अब मेरे पास दो ही रास्ता था, या तो अनीता को पैसे देकर चोदूं या अकेले में हस्तमैथुन करूं, खैर मै मम्मी के कमरे में घुसा और उनके पर्स को खोजने लगा, संयोग से हज़ार रू का एक नोट मिला और मै उसको लेकर निकल गया, अनीता किचन में बर्तन साफ कर रही थी तो मै उसके पास गया और बोला…… “हज़ार रू का जुगाड हुआ है, क्या दोगी अपनी चूची, चूत और चूतड़
(अनीता) ठीक है, आज शाम मेरे घर आना ।” अब मै स्नान ध्यान करके नाश्ता और दिन का खाना खाया, लेकिन असली भूख तो बुर की थी, शाम को अनीता को फोन किया तो वो आने को बोली।मै मम्मी को बोलकर दोस्त के घर जाने के बहाने निकला, पास के मार्केट में एक बियर जा केन खरीदा और पास में ही खडे-२ बियर पी लिया ।मेरे घर से कुछ दूरी पर ही अनीता रहती थी, मै वहां से निकला और अनीता के भाड़े के मकान में घुसा, दरवाजा बंद देखकर मै वहीं पर से अनीता को फोन किया……. “अनीता, तेरे घर के सामने खड़ा हूं

(अनीता) एक मिनट अभी दरवाजा खोलती हूं ।” अनीता आकर दरवाजा खोलिं।

अनीता एक पीले रंग के गाउन पहन राखी थी, उसके जिस्म गाउन रहते हुए भी दिख रहे थे, आखिर पारदर्शी गाउन जो था, उसने गाउन के अंदर ना टी ब्रा और ना ही पेंटी पहन राखी थी, अब दोनों कमरे में थे ।मै अनीता को पीछे से कसकर पकड़ लिया और अपने ओंठ उसके गर्दन पर लगा दिया, वो पीछे मुड़कर बोली……. “राहुल आराम से तेरे पास दो घंटे का वक्त है ।” और दोनों उसके बेड पर चले गए, मै बियर के नशे में धुत था, तो अनीता मेरे करीब बैठकर मेरा कपड़ा खोलने लगी और मै उसके चूची को पकड़कर मसलने लगा, धीरे -२ मेरे तन से सारा कपड़ा निकल चुका था और अनीता मुझे बेड पर लिटा कर मेरे पर सवार हो गई, अब वो मेरे गाल को चूम रही थी तो मै उसके पीठ को सहला रहा था, उसके बूब्स मेरे छाती से चिपक रहे थे, तभी वो अपना जीभ मेरे ओंठ पर फेरने लगी, फिर मेरा मुंह खुल गया और मै उसकी जीभ चूसता हुआ पीठ सहला रहा था, लेकिन मेरा हाथ उसके गाउन को कमर की ओर कर रहा था।अब जीभ चूसते -२ मेरा लंड तमतमा चुका था और उसके नग्न चुतर को मै सहलाता हुआ कुछ देर तक जीभ चूसा और फिर वो जीभ मेरे मुंह से निकाल ली। अब मेरे छाती को चूमते हुए मेरे लंड के उंभार को कच्छा पर से सहला रही थी, मेरे मुंह से “आह उह उम ” निकल रहा था और अनीता मेरे कमर तक को चूमकर कच्छा बाहर कर दी ।

मेरा मूसल लंड टाइट था तो अनीता उसके चमड़े को खींचकर अपना सर झुकाकर लंड को चूमने लगी, लेकिन वो मेरे सुपाड़ा को अपने गाल और ओंठ पर रगड़ने लगी मै “ओह आह चूसो ना मेरा लंड, इतनी खुजली हो रही है “और अनीता अपने मुंह में मेरा लंड लेकर चूसने लगी, वो सर का तेज झटका दे रही थी तो मेरा लंड उसकी मुंह में खड़ा हो चुका था, ३-४ मिनट तक वो एक रण्डी की तरह मेरे लंड को चूसने लगी, फिर वो सर ऊपर करके अपने गाउन को उतार फैंकी।देहाती अनीता मेरे बदन पर सवार हो गई लेकिन ६९ आसन में, उसके दोनों जांघों के नीचे मेरा चेहरा था तो बुर से मुंह की दूरी काफी कम थी।अब वो मेरे लंड पर जीभ फेर रही थी, तो मै उसकी बुर को फलकाया और जीभ से चाटने लगा, मुझे बुर चाटने में बेहद मजा आता था, मेरा जीभ बुर के अंदर तेजी से घुस रहा था और अनीता मेरे लंड को चाटते हुए सिसक रही थी “उह ऊं आह बहुत मजा आ रहा है” और कुछ देर तक अनीता की बुर को चाटता रहा।

हम दोनों काम किया में गरम हो चुके थे, तभी अनीता मेरे बदन पर से उतरी और वाशरूम चली गई तो मै भी वाशरूम गया।वो बैठकर मूत रही थी, फिर मै पिसाब किया और दोनों अपने अपने योनि को साफ करके बेड पर आ गए।अब अनीता बेड पर कुतिया की तरह हो गई टो मै उसकी गान्ड के पास बैठा और बुर में एक गर्भ निरोधक दवाई पेल दिया, उंगली घुसाकार गोली को अंदर तक किया और अब अपना लंड पकड़ कर बुर में पेलने लगा।मेरा लंड बुर को चीरता हुआ अंदर जा रहा था, तभी वो अपने गान्ड को पीछे की ओर करने लगी।मै अनीता की कमर को थाम रखा था और जोर का झटका बुर में दिया तो मूसल लंड बुर में था।अब अनीता को गपागप चुदाई करता हुआ उसके कमर को कसकर रखा था, मेरा लंड बुर की गर्मी में तेज दौड़ लगा रहा था, अभी तक साली रण्डी जी बुर से एक बार भी पानी नहीं निकला था, सो जोर का झटका देता रहा तो अनीता अपने गान्ड को आगे पीछे करते हुए हांफने लगी…… “अबे मादरचोद, जोर से चोद ना अभी तक बुर से एक बार भी पानी नहीं निकला है।” और मै तेज चुद्दाई करता हुआ मस्त था, पल भर बाद बुर से पानी निकलने लगा तो मै लंड को बुर से निकाला और जीभ से बुर का रस चाटने लगा, कुछ देर तक बुर चाटता हुआ मस्त रहा ।

अनीता अब टांग चिहारे बेड पर लेटी हुई थी, तो मै उसके दोनों मोटे जांघ के बीच में लंड पकड़ कर बैठा हुआ बुर में लंड को चानपा और जोर का धक्का बुर में दिया…….. “अबे साले बुर का चिथरा करेगा क्या, धीरे पेल ना ।”लेकिन मै तेज गति से बुर चोद रहा था, अब उसके जिस्म पर ओंध कर चोदता हुआ ओंठ और गाल चूम रहा था, वो अपने गान्ड को ऊपर नीचे करते हुए बुर चुदाने का मजा ले रही थी, कुछ देर बाद मेरा लंड बुर में वीर्य पात करा दिया और दोनों शांत पड गए, लेकिन अनीता अब बेड पर से उठकर मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसो और वीर्य का स्वाद चख ली, दोनों साथ में स्नान किए।

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Linga11

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