HouseMaid Raani 7

hello दोस्तों

यह कहानी बस दो दिन पहले की है, हुआ ये की मैं दो तीन दिनों के लिए अपने दोस्तों के साथ मनाली घूमने गया, बस अचानक ही प्रोग्राम बन गया, जब मैं वापस आया तो मुझे पता चला की अनीता काम पे नहीं आ रही है, मैंने कोई मतलब नहीं दिखाया वो दिन तो चला गया, दुसरे दिन मम्मी डैडी के जाने के बाद, मैं इंतज़ार करता रहा, करीब ११ बजे रानी आई, मैंने पूछा क्या हुआ अनीता नहीं आ रही? वो तो भड़क गई.

Raani” हाँ उसी के बारे में पूछना, ये मत पूछना की हाँ रानी तू कैसी है?” मैं उसके पास गया और उसकी कमर में हाथ दाल दिया ” और जाने मन कैसी है.

Raani” चल हट, मुझे नहीं बात करनी तेरेसे, वो पलट के जाने लगी, मैंने उसे कस के पकड़ लिया” ऐसे कैसे बात नहीं करेगी?” मैंने उसके कान पे हलके से काटा, वो छुटाने लगी, नहीं बात करनी जो मर्जी करले, जाते समय बताया भी नहीं और आते हे उसके बारे में पूछ रहा है ली वो क्यों नहीं आ रही!, मैं उसके कान पे चूमने लगा और उसके कान की लोलकी को चूसने लगा, पर वो शायद काफी नाराज़ थी, वो मेरा हाथ अपने कमर से छुटा रही थी, अच्छा पहले छोड़ मुझे, मैं उसे अब गले पे चूमना शुरू किया वो नरम पड़ने लगी, मैंने अपना लण्ड उसके पीछे दबाया, वो फिर नाराज़ हुई”हाँ अब मेरी याद आ रही है?” मैं उसको चूमते हुए बोला, अरे रानी माफ़ भी कर, दोस्तों के साथ एक दम से प्रोग्राम बन गया और तेरे पास फ़ोन भी नहीं है, कैसे बताता ? अब वो थोड़ा सुन रही थी, मैंने उसके मुम्मो पे हाथ रख दिए, उसने अपने हाथ मेरे हाथों पे रख दिए और मुम्मो को दबवाने लगी, मैं उसके मुम्मो को कपड़ो के ऊपर से ही दबा रहा था, वो हांथ घुमा के मेरे लण्ड को टटोल रही थी, मैंने उसकी कमीज उठानी शुरू की, उसने जल्दी से उतारदी उसने काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी, उसने जल्दी से ब्रा उतारी और मेरा मुँह अपने निप्पल पे लगा दिया, मैं झट उन्हें चूसने लगा, उसने मेरा लण्ड निकाला और दोनों हाथों से हिलाने लगी, मैंने उसे उठा लिया और बेडरूम में ले गया, बेड पे लेटा के मैंने उसकी सलवार उतारी और उसके ऊपर लेट गया, हम दोनों में कोई बात नहीं हो रही थी, मैं उसे चूम रहा था और वो मुझे, हम इतने उत्तेजित थे की लण्ड अपने आप ही उसकी चूत में चला गया, मैंने एक झटके में लण्ड पूरा घुसा दिया, वो आह भरते हुए ” आराम से मेरे राजा दम दिखने के चककर में मेरी फाड़ मत दियो, ऐसे डाल की मुझे भी मज़ा आये” मैंने लण्ड बहार निकाला और उसकी चूत के ऊपर सटा दिया की उसके दाने से रगड़ खाये, और धीरे धीरे रगड़ने लगा, मेरा सख्त लण्ड उसके नरम दाने पे रगड़ मार रहा था, वो आहे भर रही थी मैंने उसके होटों पे अपने होंठ रख दिए उसने मेरे होंठ अपने होटों में दबा लिए, कुछ देर एहि चलता रहा, उसने हाथ से लण्ड को अंदर की ओर कर दिया और ” आजा ” मैंने लण्ड पूरा अंदर धकेल दिया, कुछ अलग सा अहसास हो रहा था, वो टाँगे फैला के ” और अंदर कर लगना चाहिए अंदर” उसने अपने कमर के नीचे तकिया लगा लिया और मैंने अंदर तक डाला उसने ज़ोर की आह भरी” अब गया न पूरा, ऐसे ही करता रह अंदर तक”मैं उसे चोदने लगा, झटको पे उसके मुम्मे हिल रहे थे मैंने उसके मुम्मे पकड़ लिए और उसके निप्पल को जीब से सहलाने लगा कुछ मिनटों बाद वो बोली” मुझे ऊपर आने दे” वो ऊपर आ गई उसकी चूत बह रही थी, वो ऊपर बैठ गई, और मेरे होटों को चूमने लगी, एक हाथ से मेरे आनडो को पकड़ लिया और उन्हें मुट्ठी में मसलने लगी, मेरे हाथ उसके चूतड़ों पर थे, उसने लैंड अंदर ले लिया और आगे को झुक गई और धीरे धीरे झटके लेने लगी, मैं उसके गांड को सहला रहा था, वो गहरे झटके लेने लगी, उसके हाथ मेरे सीने पे टिके हुए थे और वो ज़ोर से झटके ले रही थी, लण्ड को पूरा अंदर बहार कर रही थी, वो झड़ने वाली थी मैंने उसके मुम्मो को पकड़ा लिया और नीचे से झटके देने लगा वो ज़ोर ज़ोर से आहे भर रही थी, मैंने चूतड़ कसके पकड़े हुए थे, लगभग पांच मिनट ऐसे ज़ोरदार चुदाई के बाद वो झड़ने लगी, वो थरथराने लगी, और लण्ड को अंदर तक सटा के झटके लेने लगी, अपने चरम पे वो मुझपे हे गिर गई और अपने मुम्मो को मेरे सीने से दबाने लगी, मैं भी झड़ने वाला था” रानी मुझे भी होने वाला है, ” वो पलट गई और मुझे ऊपर कर दिया” मेरे राजा आजा मेरे अंदर ही छोड़ दे ” उसकी इस बात ने मुझे पागल सा कर दिया मैंने आठ दस ज़ोर के झटके मारे और झड़ने लगा, रानी ने मुझे हाथ पैरों से कसके पकड़ लिया और मैंने माल उसकी चूत में बहा दिया, हम थोड़ी देर वैसे ही पड़े रहे, जैसे मैं उसपे से हटा ” कितने दिनों से हल्का नहीं हुआ है?

हो गया हफ्ते से ऊपर” दिख रहा है, तूने तो भर दिया है मुझे, ” क्या करू हाथ से मज़ा नहीं आता अब, कोई चाइये,

Raani” तुझे ला दी है फिर भी?, हाँ अनीता मइके गई है, और एक हफ्ते में आयेगी, तब तक तू मेरे हिस्से में है.

Me” तू कभी थकती नहीं है क्या ? तेरे दर्द नहीं होता ? “

Raani” मैं सिर्फ तेरे साथ ही करती हूँ, किसी और के साथ तो सवाल ही नहीं है, और जहाँ तक दर्द की बात है, दर्द तो पीछे से करने में होता है, यहाँ के दर्द में भी मज़ा आता है. ” वो उठ के वाशरूम चली गई मैं उसके पीछे गया, वो चूत से निकलते माल को साफ़ कर रही टी, ” दो मिनट बहार रुक जा, शर्म नाम की कोई चीज़ होती है, मैं हस्ते हुए बोला” क्या बात कर दी रानी, पल में तूने गैर बना दिया. रहने दे रहने दे, बोल क्या कह रहा है? वैसे भी इतना सारा छोड़ा है, निकले ही जा रहा है, मैं उसके पास गया, और उसके सामने खड़ा हो गया लण्ड ठीक उसके चेहरा के सामने लटक रहा था, उसने ऊपर देखा” क्या हुआ?”

Me” मुँह से कर न!”

Raani” अभी अभी तो किया है तू फिर त्यार हो रहा है? मुझपे कुछ तो रहम करले, ”

Me” करना बहुत दिन हो गए, “मेरे मानाने पे वो मान गई,

Raani” तू मेरे साथ कुछ करके मानेगा, अच्छा ठीक, मुझे साफ़ करलेने दे आती हूँ, मैं बाहर चला गया, वो आई और उसने आते ही मेरा लण्ड पकड़ लिया और मुझे लेजा के लेटा दिया, उसने सुपाडे को दांतो से पकड़ते हुए” बता मेरे राजा क्या किया जाए तेरे साथ” उसने सुपाडे पे जीब चलना शुरू किया, और मुँह में लेना शुरू किया, लण्ड धीरे धीरे खड़ा होने लगा, उसे भी खड़ा करने में मज़ा आ रहा था, उसने हाथों पे तेल लगा लिया और लण्ड की मालिश करने लगी, कुछ ही पलों में उसने लण्ड को एक दम सख्त कर दिया, तेल की वजह से सुपाड़ा अलग ही चमक रहा था, बहुत ही मज़ा आ रहा था, उसने तेल अपने मुम्मो के बीच लगाया और लण्ड को उनके बीच में रख लिया, और हिलाने लगी, कुछ देर करने के बाद वो घूम गई और अपना निचला हिस्सा मेरी तरफ कर दिया, मैंने उसकी चूत की दरार में ऊँगली चलाना शुरू किया, वो मेरे लण्ड को हाथ और मुँह से रगड़ रही थी, मैंने वाइब्रेटर निकला और उसकी दरार में फेरना लगा, उसने मेरे टटो को मुँह में ले लिया, क्या मज़ा आ रहा था, मैंने धीरे से वाइब्रेटर उसे चूत में डालना शुरू किया, उसने टाँगे चौडाली, मैंने उसे आगे पीछे करने लगा, मैंने उसके पीछे के छेद को भी सेहला रहा था, मैंने वाइब्रेटर उसके अंदर डाल के छोड़ दिया और उसके पीछे के छेद पे तेल लगाया उसे ढीला करने लगा, वो समझ गई की मैं उसकी गांड मारना चाहता हूँ, बोली” कंडोम है न तेरे पास? बस ज़ोर से मत करियो, दर्द होता है, ”मैं करता रहा, वो फिर लण्ड खेलने लगी, मैंने कंडोम उसके हाथ में दे दिया. फिर मैंने वाइब्रेटर को उसके गांड के छेद पे लगाया, उसकी तरंगे से उसे मज़ा आ रहा था, जब उससे सहन नहीं हुआ उसने हाथ पकड़के अपनी चूत में लगवा दिया, मैंने उसे अंदर डाल दिया, मैंने उस उल्टा कर दिया, और उसके ऊपर लेट गया मैंने लण्ड उसके चूतड़ों के बीच लगाया और हिलाने लगा, लण्ड तेल से एकदम चिकना हो गया था, एक कोशिश में ही सीधा उसकी गांड में टिक गया, मैंने थोड़ा ज़ोर लगाया बोली”ऐसे नहीं रुक” उसने कंडोम लण्ड पे चढ़ाया और घोड़ी बन गई और मेरे लण्ड को छेद पे लगाके पकड़ लिया, मैंने फिर ज़ोर लगाया, सुपाड़ा अंदर घुस गया, ” अहह धीरे धीरे कर, ” मैंने थोड़ा थोड़ा करते पूरा अंदर डाल दिया.

Me” दर्द तो नहीं हो रहा?

Raani” नहीं, बस आराम से” मैं लण्ड को आगे पीछे करने लगा, वाइब्रेटर की तरंगे मुझे भी महसूस हो रही थी, लण्ड बीने किसी रुकावट के आगे पीछे जाने लगा, थोड़ी देर ऐसे करते हुए बोली” ऐसे नहीं दुसरे तरीके से करते है’ वो सीधे लेट गई ” अब तू भी मुझे दीखता रहेगा” मैंने फिर vibrator को आगे पीछे हिलाना शुरू किया उसकी आहें छूटने लगी” हए तूने ये मुझे क्या आदत लगा दी ” मैंने vibrator और अंदर दाल दिया, उसकी चूत बहुत चिकनी हो गई थी मैंने फिर लैंड को उसके छेद पे लगाया, और अंदर दाल दिया” अब तो उसे भी इस सब में मज़ा आने लगा था” मैंने अपना अंगूठा से उसके दाना रगड़ना शुरू किया उसकी तो चीखें निकलने लगी, ” हए आह तू मुझे मार के छोड़ेगा!” मैंने एक ज़ोर के झटके से लण्ड अंदर तक घुसा दिया” हए आराम से फाड् मत दियो, ” मैं बस झड़ने के करीब हो रहा था मेरे झटके तेज़ होने लगे, वो सहन नहीं कर पा रही थी, ” अहह है धीरे दर्द हो रहा है” मैं रुक गया, मैंने कंडोम उतार दिया और को बाहर निकाल दिया, वो पूरी तरह से तैयार थी” क्या हुआ, बीच में क्यों रुक गया?” मैं उसके ऊपर लेट गया, वो ” मेरी पीठ को नाखूनों से सहलाने लगी” और मुझे चूमने लगी, ” अहह डाल दे अंदर और करदे मुझे ” मैं उसके निप्पल को चूसने लगा वो और आहें भरने लगी, ” आह भरदे मुझे डाल दे अपना मेरे अंदर और न तड़पा, मैंने लण्ड उसकी चूत में डाल दिया और आधा डाल के रुक गया, वो नीचे से हिलने लगी ” तड़पा क्यों रहा है, ठीक से कर न!” मैंने चोदना शुरू किया, तेल और उसकी चिकनाई के मारे कुछ पता नहीं चल रहा था, मैं उसके कान में बोला” कुछ पता नहीं चल रहा है ” वो बस झड़ने वाली थी” करता रह मुझे हो रहा है” मैंने उसे कस के छोड़ने लगा, ज़ोरदार झटको की आवाज़ कमरे में गूंजने लगी, और वो झड़ी” हे माँ ” वो तड़पने लगी और मुझ से लिपट गई, मैं तब तक झटके लगाता रहा जब तक की वो निढाल नहीं हो गई, वो थक चुकी थी, पर मेरा अभी तना हुआ था, उसने मेरे लण्ड को प्यार से पकड़ते हुए” अब इसे कैसे शांत कराऊँ ? मैं पूरा गरम था मैंने फिर उसे उल्टा किया, वो समज गई” आजा तुझे ऐसे नहीं होगा, वो घोड़ी बन गई, मैंने उसकी गांड में लण्ड को लगाया और धकेला, लण्ड बड़े प्यार से अंदर चला गया, अब मैं भी झड़ना चाहता था, मैंने उसकी कमर को पकड़ के आगे पीछे करना शुरू किया, बस कुछ हे मिंटो में मेरा लावा छूटने लगा, मैंने लण्ड पूरा अंदर करके अंदर ही सारा माल छोड़ दिया, वो मुझे लेके लेट गई, थोड़ी देर बाद मैंने उसमे से लण्ड बाहर निकाला, उसने मेरे लण्ड को पकड़ा और उसे चूमते हुए बोली” चल आज के लिए इतना बहुत है, मुझ में और चुदने की हिम्मत नहीं है. ”

That’s all for now guys see you again with a new encounter..

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